कायाकल्प अभियान में कोताही बर्दाश्त नहीं: 30 नवंबर तक दुरुस्त करें पुरानी इमारतें, 31 मार्च तक नए निर्माण पूरे करने का डीएम का अल्टीमेटम

 


कटिहार, 26 अक्टूबर (हि.स.)। समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' की विस्तृत समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने जिले में अभियान के तहत चिन्हित सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट डेडलाइन तय करते हुए कहा कि पूर्व से निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण व जीर्णोद्धार कार्य आगामी 30 नवंबर 2026 तक और नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से जुड़े कार्य 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरे किए जाएं।

स्कूलों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिकता पर होगा कायाकल्प

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत भवनों का विभागवार त्वरित सर्वेक्षण कर आवश्यकतानुसार कार्यों का चिन्हांकन किया जाए। विद्यालयों में अतिरिक्त वर्ग-कक्ष, भवन, किचन शेड और शौचालयों की मरम्मत एवं अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सुविधा के अनुकूल वातावरण तैयार करने, नियमित स्वच्छता और बुनियादी ढांचे की मरम्मत को प्राथमिकता सूची में रखने का निर्देश दिया गया है।

कायाकल्प पोर्टल पर दर्ज होगी प्रगति, फील्ड में उतरकर होगा निरीक्षण

कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने सभी विभागों को 'कायाकल्प पोर्टल' पर भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का ब्यौरा नियमित रूप से अद्यतन (अपडेट) करने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहकर कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण करें। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल (कन्वर्जेंस) बनाकर अनावश्यक देरी को खत्म करने पर जोर दिया।

जनसुविधाओं को बेहतर बनाना ही मुख्य ध्येय

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का मूल उद्देश्य सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को स्वच्छ, सुदृढ़ और पूरी तरह से क्रियाशील बनाकर आम नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं मुहैया कराना है। जिला प्रशासन प्राथमिकता के आधार पर इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और समय-सीमा का उल्लंघन करने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह