राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री दिलीप जायसवाल ने सीओ व डीसीएलआर संग की समीक्षा
कटिहार, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने तथा भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की। जिले के अंचल अधिकारियों (सीओ) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) के साथ आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री ने विभागीय कार्यों की बिंदुवार प्रगति की समीक्षा की तथा दाखिल-खारिज, परिमार्जन और लंबित जमाबंदी के मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने के कड़े निर्देश दिए।
दाखिल-खारिज और परिमार्जन में देरी पर सख्त रुख
बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी सीओ प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा के भीतर इनका निष्पादन सुनिश्चित करें। वहीं जमाबंदी एवं भूमि अभिलेखों में त्रुटि सुधार (परिमार्जन) की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और 'परिमार्जन प्लस' के तहत डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि आम रैयतों को अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से स्थायी राहत मिल सके।
शून्य खाता-खेसरा जमाबंदी में तुरंत सुधार के आदेश
विभागीय समीक्षा के दौरान जमाबंदियों में खाता संख्या, खेसरा संख्या अथवा रकबा शून्य या अनुपलब्ध दर्ज होने के मामलों पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर नियमानुसार अविलंब सुधार करने का निर्देश दिया, जिससे जिले के भूमि अभिलेख पूरी तरह सटीक और अद्यतन हो सकें। इसके अलावा लंबित जमाबंदी के त्वरित निष्पादन की हिदायत दी गई, ताकि रैयतों को अपनी जमीन से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।
भूमि मापी में निष्पक्षता और राजस्व महा-अभियान की सफलता पर बल
मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि अधिकांश भूमि विवादों की जड़ मापी से जुड़ी होती है, इसलिए भूमि मापी के आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व महा-अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों को धरातल पर समय से पूरा करने को कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता से समाधान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी सक्रिय भूमिका निभाकर राजस्व सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाएं। बैठक में संबंधित विभागीय एवं जिला स्तरीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह