कटिहार में बाढ़ राहत कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा: 1.48 लाख परिवारों को मिले 104 करोड़, प्रभारी मंत्री ने दिए 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
कटिहार, 07 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला एवं संस्कृति विभाग मंत्री -सह- कटिहार जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने बुधवार को जिले के बाढ़ प्रभावित सात अंचलों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में प्रभारी मंत्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने का कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें ससमय सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में बजट अथवा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
जिले में बाढ़ की विभीषिका से 7 अंचलों की 59 ग्राम पंचायतों के 607 गांव तथा 4 नगर पंचायतों के 699 वार्ड प्रभावित हुए हैं। कुल प्रभावित परिवारों की संख्या 2,13,955 तथा आबादी 9,39,766 है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि आपदा सम्पूर्ति पोर्टल के जरिए डीबीटी के माध्यम से अब तक 1,48,931 परिवारों के खातों में 1,04,25,17,000 रुपये (एक अरब चार करोड़ पच्चीस लाख सत्रह हजार रुपये) की अनुग्रह राहत राशि अंतरित की जा चुकी है।
458 रसोइयों से 67 लाख लोगों को भोजन, 514 नावें तैनात
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जानकारी दी कि संवेदनशील और जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने तथा आवागमन बहाल रखने के लिए 514 नावों का परिचालन किया गया है। विस्थापित व प्रभावित परिवारों के लिए 458 सामुदायिक रसोइयां संचालित हैं, जिनके माध्यम से अब तक रिकॉर्ड 66,99,399 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। अपर समाहर्ता (आपदा) ने बताया कि बेघर हुए परिवारों को तत्काल आश्रय हेतु 81,904 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है। प्रभारी मंत्री डॉ. चंद्रवंशी ने निर्देश दिया कि जिन सुदूर इलाकों में तुरंत पका भोजन पहुंचाना संभव न हो, वहां प्राथमिकता से सूखा राशन पैकेट उपलब्ध कराया जाए।
518 स्वास्थ्य शिविर और बोट एंबुलेंस से चिकित्सा सेवा
बाढ़जनित बीमारियों व संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में 518 स्वास्थ्य शिविर लगातार सक्रिय हैं। बोट एंबुलेंस के जरिए सुदूर जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य टीमें लगातार लोगों का इलाज कर रही हैं। अब तक 33,218 लोगों को चिकित्सकीय लाभ दिया जा चुका है। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और पानी घटने वाले क्षेत्रों में संक्रमण रोकने के लिए व्यापक पैमाने पर ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव व उसकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पशुधन की सुरक्षा: 85 शिविरों में 7,177 पशुओं का इलाज, 787 क्विंटल चारा वितरित
पशुपालकों की समस्या को देखते हुए जिले में 85 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए गए, जिनमें 7,177 मवेशियों का इलाज हुआ। साथ ही 787.40 क्विंटल पशु चारे का वितरण किया जा चुका है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशु चारे की कोई कमी न हो और आवश्यकतानुसार तत्काल अतिरिक्त प्रबंध किए जाएं। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सभी विभाग आपसी समन्वय से युद्धस्तर पर कार्य जारी रखें। बैठक में जिला प्रशासन के तमाम वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह