सुपौल के प्रख्यात शिक्षाविद कालीचरण मिश्रा का निधन, पूरे जिले में शोक की लहर
सुपौल, 04 मई (हि.स.)। जिले के प्रख्यात शिक्षाविद एवं विलियम्स हाई स्कूल सुपौल के पूर्व प्रधानाचार्य कालीचरण मिश्रा का लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा जगत इसे अपूरणीय क्षति मान रहा है।
कालीचरण मिश्रा ने अपने लंबे कार्यकाल में शिक्षा की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिससे सुपौल का नाम न सिर्फ बिहार बल्कि देशभर में ऊंचा हुआ। उनके मार्गदर्शन में पढ़े छात्र आज देश-विदेश में चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवा, राजनीति सहित कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
उनके निधन पर स्थानीय लोगों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने एक स्वर में कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। इधर, कांग्रेस नेता मिन्नत रहमानी ने बिहार सरकार से मांग की है कि कालीचरण मिश्रा को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाए।
उन्होंने सुपौल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने कहा कि कालीचरण मिश्रा जैसे शिक्षाविद विरले ही होते हैं, जिन्होंने न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा किया बल्कि समाज को नई दिशा भी दी।
बताया जाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका था। उन्होंने हजारों छात्रों के जीवन को संवारने में अहम भूमिका निभाई। कालीचरण मिश्रा का निधन शिक्षा जगत के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं मानी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र