कैलाशपुरी मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

 


सुपौल, 17 अगस्त (हि.स.)। जिले के पिपरा प्रखंड क्षेत्र के पथरा उत्तर पंचायत स्थित प्रसिद्ध कैलाशपुरी मेला परिसर में सोमवार को नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही माता बिषहरी मंदिर और शिव-पार्वती मंदिर में पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। नागपंचमी और सावन की तीसरी सोमवारी एक साथ होने के कारण इस बार कैलाशपुरी में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी अधिक रही। माता बिषहरी मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक दूध और लावा अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की।

वहीं शिव-पार्वती मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता बिषहरी की पूजा करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते सुपौल जिले के अलावा आसपास के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैलाशपुरी पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला परिसर में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

मेला समिति के स्थायी अध्यक्ष सह सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू तथा स्थानीय विधायक रामविलास कामत ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। मेला समिति के उपाध्यक्ष सह पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बताया कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। थानाध्यक्ष किशोर कुमार एवं प्रभारी अंचलाधिकारी सुभाषचंद्र चौधरी लगातार मेला परिसर का जायजा लेते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की लगातार नजर बनी रही।

मेला सचिव सुनील कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन एवं मेला समिति की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। स्थानीय वोलेंटियर के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। उन्होंने बताया कि नागपंचमी के अवसर पर कैलाशपुरी में सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार सावन का सोमवार भी होने के कारण शिव-पार्वती मंदिर में पूजा करने वालों की संख्या और अधिक रही।मंदिर परिसर में भगैत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला परिसर में ठंडे पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा मेला समिति की ओर से लंगर का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को हलुआ, पूरी और सब्जी प्रसाद के रूप में उपलब्ध कराया गया। पेयजल और भोजन की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली।

श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मेला समिति के सदस्य पूरे दिन सक्रिय रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र