नालंदा में ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन

 


नालंदा, 23 जून (हि.स.)।

जिले के हरनौत प्रखंड में मंगलवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026 के अंतर्गत एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण तथा सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना था।कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सुबीली देवी, आत्मा अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) ब्रजकिशोर चरण, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिक डॉ. उदय प्रकाश नारायण, तेलमर पंचायत के मुखिया हरिनारायण सिंह, 20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार तथा पंचायत समिति सदस्य राणा शैलेश सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को किसान रजिस्ट्री, प्राकृतिक खेती, मिट्टी जांच, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, पशुपालन, विशेष रूप से साहिवाल एवं अन्य देशी नस्ल की गायों के पालन तथा धान की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने किसानों को जुलाई के प्रथम सप्ताह तक धान का बिचड़ा गिराने की सलाह दी ताकि समय पर रोपाई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।आत्मा अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित खरीफ महाअभियान किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने खेत बचाओ अभियान के तहत मिट्टी जांच, हरी खाद के उपयोग, फसल चक्र अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि इन उपायों को अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखते हुए उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं।केवीके के वैज्ञानिक डॉ. उदय प्रकाश नारायण ने किसानों को धान की उन्नत खेती एवं उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिट्टी की जांच के आधार पर ही खाद का प्रयोग करना चाहिए, जिससे लागत कम होगी और उत्पादन बेहतर होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीएओ ब्रजकिशोर चरण ने किसानों को खरीफ मौसम के लिए उपलब्ध अनुदानित बीजों और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसान समय पर बीज प्राप्त कर खेती की तैयारी करें तथा डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने किसानों को बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कर योजनाओं, कृषि संस्थानों और तकनीकी जानकारियों का लाभ उठाने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे