कटिहार में जूट और मखाना प्रसंस्करण से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

 


कटिहार, 12 अगस्त (हि.स.)। जिले के डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत सोंती ग्राम में बुधवार को जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने एनआईएनएफईएटी कोलकाता के वैज्ञानिकों के सहयोग से आयोजित आधुनिक जूट डेकोर्टिकेटर मशीन के प्रदर्शन का जायजा लिया और समेकित कृषि प्रणाली तथा मखाना प्रसंस्करण कार्यों का निरीक्षण किया।

जिला कृषि पदाधिकारी एवं आत्मा के सतत प्रयासों से कोलकाता से आए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विद्याभूषण शंभू के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के इस दल ने जूट उत्पादक किसानों के बीच जूट डेकोर्टिकेटर मशीन का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान उप परियोजना निदेशक शशिकांत झा ने बताया कि इस आधुनिक मशीन के माध्यम से जूट के तने से रेशा निकालने की प्रक्रिया बेहद तेज, सुविधाजनक और कम श्रम-साध्य हो जाती है, जिससे किसानों के समय और मजदूरी लागत की भारी बचत होती है।

भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी ने सोंती ग्राम में कृषि विभाग के सहयोग से संचालित समेकित कृषि प्रणाली मॉडल का निरीक्षण करने के साथ-साथ मखाना पॉपिंग मशीन के जरिए मखाना गुड़ी से मखाना निकालने की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन से जुड़ना चाहिए ताकि जूट और मखाना जैसे स्थानीय उत्पादों से अतिरिक्त आय अर्जित की जा सके और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

जिलाधिकारी ने आधुनिक तकनीकों की पहुंच छोटे एवं सीमांत किसानों तक सुनिश्चित करने के लिए किसान समूहों और एफपीओ के माध्यम से इनके उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को ऐसी उपयोगी तकनीकों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा तकनीकी संस्थानों के समन्वय से किसानों को लगातार मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया, ताकि कटिहार जिले में जूट एवं मखाना की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह