जोकीहाट विधायक ने सीएम को पत्र लिखकर उर्दू शिक्षकों के पद सृजन की मांग की

 


अररिया 16 मई(हि.स.)।

जोकीहाट के विधायक मो. मुर्शीद आलम ने बिहार के नवसृजित 208 महाविद्यालयों में उर्दू विषय के शिक्षकों का पद सृजित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। विधायक ने कहा है कि राज्य के सभी 38 जिलों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उर्दू विषय की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन नए महाविद्यालयों में उर्दू शिक्षकों के पद नहीं होने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

विधायक मो. मुर्शीद आलम ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि राज्य के अन्य महाविद्यालयों में उर्दू विषय के शिक्षकों के पद पहले से सृजित हैं और हजारों छात्र-छात्राएं इस विषय की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके बावजूद नवसृजित 208 कॉलेजों में उर्दू शिक्षकों का पद नहीं बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि बिहार की साझा संस्कृति, तहजीब और शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में उर्दू विषय की अनदेखी करना उन विद्यार्थियों के साथ अन्याय है, जो उच्च शिक्षा में इस विषय को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं।विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि छात्रहित और शिक्षा के व्यापक विकास को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को निर्देश देकर जल्द से जल्द उर्दू शिक्षकों के पद सृजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

एआईएमआईएम विधायक मुर्शीद आलम ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी भाषाओं और विषयों को समान अवसर मिलना चाहिए। यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक पहल करती है, तो इससे हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और उच्च शिक्षा में उर्दू विषय को नई मजबूती मिलेगी

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर