जीरो ऑफिस डे पर जीविका कर्मी पहुंचे गांव, सामुदायिक संगठनों की कार्यप्रणाली का लिया जायजा

 


किशनगंज, 02 जुलाई (हि.स.)। बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति (जीविका) द्वारा आयोजित दो दिवसीय जीरो ऑफिस डे (शून्य कार्यालय दिवस) के तहत गुरुवार को जिले के सभी जीविका कर्मी कार्यालयी कार्य छोड़कर गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर पर पहुंचे तथा स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संगठनों की कार्यप्रणाली का जमीनी स्तर पर आकलन किया।

यह अभियान शुक्रवार को भी जारी रहेगा। जीरो ऑफिस डे के दौरान जीविका के जिला एवं प्रखंड स्तर के प्रबंधकों तथा कर्मियों ने विभिन्न पंचायतों और गांवों में संचालित स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संघ की बैठकों में भाग लिया।

इस दौरान समूहों की गतिविधियों, योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन तथा संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही जमीनी स्तर पर मौजूद कमियों का आकलन कर प्रतिवेदन तैयार किया गया, ताकि भविष्य में योजनाबद्ध तरीके से उनका समाधान किया जा सके।

जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अनुराधा चंद्रा ने बताया कि जीविका परियोजना की सफलता सामुदायिक संगठनों की मजबूती पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से जीरो ऑफिस डे के माध्यम से सभी कर्मियों को क्षेत्र में भेजा गया है, ताकि वे स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों एवं संकुल संघों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सकें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्राप्त सुझावों और कमियों के आधार पर आवश्यक नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे तथा सामुदायिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

इस अवसर पर राज्य कार्यालय से आए परियोजना प्रबंधक (बीमा) मो. वारिस इकबाल भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जीरो ऑफिस डे का उद्देश्य कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने के बजाय गांवों में पहुंचकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है। क्षेत्र से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर चिन्हित कमियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।जीविका अधिकारियों के अनुसार,

किशनगंज जिले में वर्तमान में 24,183 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे तीन लाख से अधिक जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा जिले में 1,522 ग्राम संगठन एवं 32 संकुल संघ संचालित किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अल्प ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

जीरो ऑफिस डे के माध्यम से इन संगठनों को और अधिक प्रभावी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह