बिहार गाद प्रबंधन नीति बिहारवासियों के लिए वरदान :शंभू नाथ सिन्हा

 

पटना, 04 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रवक्ता शंभू नाथ सिन्हा ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच नदियों एवं अन्य जलस्रोतों से वैज्ञानिक तरीके से गाद हटाने तथा उसका उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में करने को लेकर हुए समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह समझौता बिहारवासियों के लिए वरदान साबित होगा।

उन्होंने कहा कि यह बिहार के किसानों, आम नागरिकों और राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही, यह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस दूरदर्शी परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें नदियों में जमा गाद के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से बाढ़ और जलजमाव की समस्या का समाधान तथा विकास कार्यों में उसका उपयोग करने की बात कही जाती रही है।

उन्होंने कहा नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की नदियों में लगातार जमा हो रही गाद के वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। उनकी इस पहल और मांग के अनुरूप केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में नदियों में गाद प्रबंधन को लेकर एक रूपरेखा तैयार की थी। अब बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच हुए इस समझौते ने उस दिशा में ठोस पहल की है।

उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत नदियों और अन्य जलस्रोतों से निकाली जाने वाली उपयुक्त गाद का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। इसके लिए 243 लाख घन मीटर गाद का उपयोग 16 निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में किया जाना है, जबकि 27 प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर गाद के उपयोग की योजना है। वर्तमान में बिहार में लगभग 1,561 किलोमीटर लंबाई की 39 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं तथा लगभग 1,982 किलोमीटर लंबाई की 11 अन्य परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल से एक ओर नदियों और जलस्रोतों की जलधारण एवं जलप्रवाह क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर राजमार्ग निर्माण के लिए आवश्यक मिट्टी एवं अन्य उपयुक्त निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे कृषि योग्य उपजाऊ मिट्टी के अनावश्यक दोहन में कमी आएगी तथा निर्माण लागत और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाले समय को कम करने में भी सहायता मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रही भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार को बिहार की पेयजल, सिंचाई, कृषि और औद्योगिक आवश्यकताओं का ध्यान रखना चाहिए। जदयू इस विषय को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में गंगा नदी से सटे बिहार के 12 जिलों में ‘‘नीतीश संवाद’’ के माध्यम से लोगों को गंगा जल संधि, बिहार के जल अधिकारों तथा राज्य की भावी जल आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार के जल संसाधनों, किसानों के हितों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा किसी भी समझौते का अनिवार्य हिस्सा होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी