जानकी नवमी कार्यक्रम में जुटे साहित्यकार

 


मधुबनी, 25 अप्रैल (हि.स.)। जिला मुख्यालय सहित सुदूर ग्रामीण परिवेश में जानकी नवमी उत्सव कार्यक्रम शनिवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया जा रहा।

मुख्यालय स्थित बुद्ध नगर कॉलोनी कुलसील परिसर में जानकी नवमी उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। जानकी नवमी उत्सव मिथिलांचल के घर-घर के लिए पवित्र पर्व के रूप में सर्वविदित बताया। खासकर कुलसील परिसर में जानकी नवमी उत्सव का 2026 में यह 25 वां वर्ष समारोह धूमधाम से मनाया जा रहा है ।

चित्रकार सोनी झा द्वारा अपनी तूलिका से उकेरित सुंदर फोटो में मां जानकी का गौरी पूजन का दृश्य उत्कृष ढंग से सजाया गया है। गौरी पूजन काल में नैना- जोगिन को भी दर्शाया गया है। मिथिलांचल के पारंपरिक वैवाहिक कार्यक्रम के अवसर पर विवाहिता कन्या द्वारा हाथी पर गौरी पूजन किया जाता रहा है।

जानकी नवमी उत्सव के अवसर पर मां जानकी की महिमा पर वक्ताओं ने विस्तृत प्रकाश डाला। कुलसील परिसर में ही बर्ष 2011 में पूर्व मंत्री व वर्तमान भाजपा विधायक विनोद नारायण झा ने जानकी नवमी के अवसर पर राजकीय अवकाश की घोषणा के लिए आश्वासन दिया था। जिसे विधान मंडल में माननीय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पारित किया गया। अभी भी जानकी नवमी में राजकीय अवकाश जारी है।

आयोजित जानकी नवमी उत्सव के अवसर पर विशिष्ट लब्धप्रतिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने मां जानकी की लक्ष्मी स्वरूप व घर-घर में भगवती के रूप में स्थापित होने की चर्चा किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार कान्तधारी सिंह विधुकर ने प्राकट्य देवी मां जानकी को लक्ष्मी स्वरूपा बताया। अवसर पर साहित्यकार डा विनय विश्व बंधु ने मां जानकी के अवतार की कविता पाठ किया। उन्होंने कहा कि मां जानकी के नाम स्मरण से ही अहिलौकिक व पर लौकिक कल्याण होता।

कार्यक्रम में डा इंद्र मोहन झा ने कहा कि मां जानकी की पूजा पूरे मिथिलांचल परिक्षेत्र सहित सुदूर ग्रामीण परिवेश में शनिवार को उत्साह पूर्ण माहौल में मनाया जा रहा है अवसर पर चित्रकार सोनी झा ने 25 वर्षों की निरंतर अपने चित्रकला से मां जानकी की फोटो बनाकर फुल पैन से पूजा करने की बात बताई।

उन्होंने बताया कि मेरा परिवार का एक-एक पल का विकास मां जानकी की कृपा से ही हुआ है।अवसर पत्रकार लंबोदर झा ने कहा कि जानकी नवमी शनिवार के मां जानकी की पूजा सभी जाति के लोगों के घर- घर में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। मिथिलांचल की देवी मां जानकी लक्ष्मी रूप में अवतरित हुई। अवदात विष्णु भगवान श्री राम के साथ अयोध्या गई थी। त्रेता कालीन युग में असत्य के विरुद्ध सत्य की लड़ाई में अपना योगदान दी थी।

मुख्यालय स्थित कार्य निगम विवाह भवन में जानकी नवमी उत्सव का भव्य आगाज हुआ। संंस्कृत शिक्षा वोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा के संयोजन में यहां कार्यक्रम हुआ। कुलशील परिसर में शिक्षक गिरिधर झा, केके पुट्टी निधि झा, रागिनी झा, शैैलजा झा, रिशिता राज ,सौम्या श्री, सुख विनायक, अंशु श्री, शीतल बिघ्नेश ने हिस्सा लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / लम्बोदर झा