दुर्गापूजा-दशहरा को लेकर प्रशासन सख्त, बिना अनुमति नहीं निकलेगा जुलूस
बक्सर, 07 अक्टूबर (हि.स.)। दुर्गापूजा एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। 11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पर्व को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने पूजा पंडालों, प्रतिमा स्थापना और जुलूस के लिए शत-प्रतिशत अनुज्ञप्ति अनिवार्य कर दी है। बिना अनुमति किसी भी आयोजन की इजाजत नहीं होगी। जुलूस में भड़काऊ नारेबाजी, उत्तेजक गतिविधियों और प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण रोक रहेगी।
आयोजकों से 10 से 25 व्यक्तियों का अंडरटेकिंग लिया जाएगा तथा जुलूस की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी।
पंडालों और जुलूसों में आपत्तिजनक झांकी, दृश्य, व्यंग्यचित्र, डीजे और अश्लील गानों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। सभी डीजे एवं लाउडस्पीकर संचालकों को संबंधित अनुमंडल कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा।
प्रशासन की सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रहेगी। धार्मिक या जातीय भावनाएं भड़काने, नफरत फैलाने अथवा आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। रावण वध और विसर्जन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए प्रवेश-निकास द्वार, वॉच टावर, सीसीटीवी, चिकित्सीय दल, एंबुलेंस, क्यूआरटी और एसडीआरएफ की तैनाती की जाएगी। नदी एवं तालाब घाटों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और पर्व को आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ मनाने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra