बाढ़ राहत व बचाव में बजट और संसाधनों की कमी नहीं होगी, युद्धस्तर पर जुटे रहें अधिकारी: डॉ. दिलीप जायसवाल
कटिहार, 30 सितंबर (हि.स.)। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में कटिहार जिले के सात बाढ़ प्रभावित अंचलों की वर्तमान स्थिति और संचालित राहत-बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में प्रभारी मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा और उन तक समय पर हर जरूरी सहायता पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर जमीनी स्थिति पर नजर रखें। राहत कार्यों के लिए बजट अथवा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
9.40 लाख आबादी प्रभावित, युद्धस्तर पर चल रहा अभियान: डीएम
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिले की स्थिति का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कटिहार के 7 अंचलों की 59 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 607 गांव तथा 4 नगर पंचायतों के 699 वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं। जिले के 2,13,955 परिवारों की लगभग 9,39,766 आबादी इससे प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
डीबीटी से 102 करोड़ की सहायता, पॉलिथीन शीट्स का वितरण
बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) ने जानकारी दी कि अब तक जिले के 1,46,662 पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में 'आपदा सम्पूर्ति पोर्टल' के माध्यम से डीबीटी के जरिए 1,02,66,34,000 (एक अरब दो करोड़ छियासठ लाख चौंतीस हजार) रुपये की अनुग्रह राशि का सीधा भुगतान किया जा चुका है। साथ ही विस्थापित परिवारों के बीच 81,904 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया गया है। मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में सामुदायिक रसोई संभव नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सूखा राशन पहुंचाया जाए।
458 रसोइयों से 67 लाख को भोजन, 514 नावें तैनात
जलमग्न क्षेत्रों से लोगों के सुरक्षित निष्क्रमण और आवागमन के लिए 514 नावों का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 458 सामुदायिक रसोइयों का संचालन हो रहा है, जिनके जरिए अब तक 66,99,399 लोगों को भोजन कराया जा चुका है।
518 स्वास्थ्य शिविर और पशु चारा वितरण
संक्रमण व बीमारियों से बचाव के लिए जिले में 518 मेडिकल कैंप और बोट एंबुलेंस सक्रिय हैं, जहां 33,218 लोगों का उपचार किया गया है। मंत्री ने पानी घटने के साथ ही ब्लीचिंग पाउडर के व्यापक छिड़काव के निर्देश दिए। वहीं पशुधन की सुरक्षा के लिए 81 पशु चिकित्सा शिविरों में 7,065 मवेशियों का इलाज किया गया और 759.30 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र, पूर्व उपमुख्यमंत्री सह विधायक तारकिशोर प्रसाद, विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, कोढ़ा विधायक कविता देवी सहित वरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह