जेल अधीक्षक से ग्रामीण विकास पदाधिकारी तक का सफर, कहलगांव के राकेश कुमार ने दूसरी बार बीपीएससी में पाई सफलता, क्षेत्र में खुशी की लहर

 


भागलपुर, 21 जून (हि.स.)।

जिले के कहलगांव प्रखंड के भोलसर चकराजू गांव निवासी सुबोध सिंह पंजियार के पुत्र राकेश कुमार ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाते हुए बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षा में ग्रामीण विकास पदाधिकारी पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

उनकी इस उपलब्धि से गांव, पंचायत और पूरे कहलगांव क्षेत्र में खुशी का माहौल है। राकेश कुमार वर्तमान में मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज उपकारा में जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व उन्होंने 69वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जेल अधीक्षक पद पर चयनित हुए थे। अब दूसरी बार सफलता हासिल करते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी प्राप्त की है।

राकेश कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि नौकरी के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना काफी चुनौतीपूर्ण था। जेल प्रशासन की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने प्रतिदिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई के लिए निकाले और लगातार मेहनत जारी रखी। उन्होंने कहा कि पहले की तैयारी और अनुभव इस बार उनके बहुत काम आया। उन्होंने कहा, रैंक पहले की तुलना में बेहतर नहीं है, लेकिन ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में मुझे सीधे आम लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करने का अवसर मिलेगा।

अभी जेल अधीक्षक के रूप में मेरा कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से बंदियों के सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित है, जबकि नए पद पर समाज और विकास से सीधे जुड़कर कार्य करने का अवसर मिलेगा। राकेश कुमार ने बताया कि फिलहाल जॉइनिंग में लगभग दो महीने का समय है।

नियुक्ति तिथि आने के बाद आगे की प्रक्रिया पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करना है और वे वर्तमान नौकरी के साथ-साथ लगातार यूपीएससी की तैयारी भी कर रहे हैं। राकेश कुमार की सफलता पर गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।

ग्रामीण सुनील कुमार चौधरी ने कहा, राकेश कुमार ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों और जिम्मेदारियों के बीच भी मेहनत और लगन से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी उपलब्धि गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं सौरभ कुमार सुमन ने कहा, राकेश कुमार लगातार अपने माता-पिता, गांव और कहलगांव क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।

उनकी सफलता से यहां के युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह पैदा हुआ है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि राकेश कुमार भविष्य में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन करते रहेंगे। उनकी इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर