जनप्रतिनिधियों पर छात्र आंदोलन के दौरान हमले के मुद्दे से गरमाया विधानपरिषद
पटना, 23 जुलाई (हि.स.)। बिहार विधानमंडल में मानसून सत्र के चौथे दिन विधानपरिषद में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजधानी पटना में हुए छात्र आंदोलन और इस दौरान विधायकों के साथ हुई कथित मारपीट का मुद्दा जदयू विधानपरिषद सदस्य महेश्वरी हजारी ने उठाया।
विधानपरिषद सदस्य महेश्वर हजारी ने सदन में इस मामले को उठाते हुए जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों से किसी को विरोध नहीं है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के नाम पर विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
महेश्वर हजारी ने सदन में कहा कि पटना में बुधवार को हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने विधायकों को चिन्हित कर उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि चाहे कोई विधायक सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।
एमएलसी महेश्वर हजारी ने सदन में कई विधायकों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि जब घनश्याम ठाकुर विधानसभा आ रहे थे तो कोतवाली थाना के पास उनकी गाड़ी को घेर लिया गया और उन पर हमला किया गया। इसके अलावा विनय बिहारी और रोहित पांडे के साथ भी इसी तरह की घटना होने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने भाजपा विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ भी प्रदर्शन के दौरान दुर्व्यवहार किया गया। महेश्वर हजारी ने कहा कि यह घटना केवल किसी एक दल के विधायक के साथ नहीं हुई है, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर में आने वाले जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
इस प्रश्न का उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में सरकार की ओर से उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि महेश्वर हजारी ने जो मुद्दा उठाया है, उसकी जानकारी सरकार को पहले से मिल रही थी। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में भी इस घटना से जुड़ी खबरें प्रकाशित हुई हैं।
विजय चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी मांग और बात रखने का अधिकार है। सरकार छात्रों की मांगों और समस्याओं पर विचार करती है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हिंसा और किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ जिस तरह की घटनाएं हुई हैं, वह बेहद निंदनीय हैं। जनप्रतिनिधियों को चिन्हित कर उन पर हमला करना गंभीर अपराध है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि घटना की गहराई से जांच कराई जाएगी और जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी