वीरपुर में एसएसबी की हाई लेवल बैठक, इंडो-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और समन्वय मजबूत करने की बनी रणनीति
सुपौल, 30 अप्रैल (हि.स.)। सशस्त्र सीमा बल की 45वीं बटालियन मुख्यालय वीरपुर में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता मधुकर अमिताभ एवं डीआईजी ने की, जिसमें सीमा क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।बैठक में सावन कुमार, जिलाधिकारी सुपौल सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और एसएसबी के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान इंडो-नेपाल सीमा पर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष चौकसी बरतने तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे तस्करी, अनधिकृत आवाजाही और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर चर्चा की। इसके तहत सीमा पर नियमित गश्ती बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसएसबी के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और तेज एवं प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सके। साथ ही सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ संवाद बढ़ाने और उन्हें सुरक्षा संबंधी जागरूकता देने पर भी बल दिया गया।डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियों को समन्वित तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक के अंत में यह भरोसा जताया गया कि संयुक्त प्रयासों और बेहतर समन्वय के जरिए सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र