सुपर हमसफर ट्रैवल्स में आयकर विभाग के सर्वे का काम हुआ पूरा

 


-बस के साथ जमीन कारोबार और हवाला से जुड़े होने के मिले सबूत

-सौ करोड़ प्रति वर्ष आय के आधार पर टैक्स का होगा निर्धारण

अररिया 16 अगस्त(हि.स.)।

फारबिसगंज के सुपर हमसफर ट्रैवल्स में आयकर विभाग का चार दिनों से जारी सर्वे का काम पूरा हुआ।आयकर विभाग की ओर से गठित स्पेशल टीम ने फारबिसगंज के बस स्टैंड स्थित कार्यालय,रामपुर ओवरब्रिज के पास वर्कशॉप और कार्यालय के साथ बस के मालिक मो.अफसार और मो.असलम के आवास पर आय के श्रोतों को लेकर सर्वे का काम किया।

आयकर विभाग की ओर से गठित स्पेशल टीम में भागलपुर,पूर्णिया,धनबाद,मुजफ्फरपुर,पटना और रांची के दो दर्जन से अधिक अधिकारी चालीस से पचास की संख्या में तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ यह सर्वे किया।पहले दिन आवास पर पहुंची आयकर विभाग की टीम के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार को लेकर जिला पुलिस की ओर से सर्वे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।

सर्वे पूरा होने के बाद आयकर विभाग के भागलपुर के आयकर विभाग अन्वेषण ब्यूरो के उप निदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वे में लगभग एक सौ करोड़ के सलाना आय का पता चला है,जिसके आधार पर टैक्स का निर्धारण होगा।उन्होंने बताया कि लोकल बस टिकट बुकिंग का तीन महीने का हिसाब चार करोड़ के आसपास है और एक वर्ष में लोक बस टिकट बुकिंग की राशि के 16 करोड़ रूपये के होने का अनुमान है।

लंबी दूरी के बस का 15 दिनों का हिसाब करीबन 30 लाख है और यह आय अन्य राज्यों में जाने वाले बस से प्राप्त आय है।कंपनी के पास एक सौ से अधिक बस है और प्रति बस की कीमत 35 लाख रूपये है।बस में करीबन 40 करोड़ का इन्वेस्टमेंट है। उन्होंने बताया कि बस मालिक का तार जमीन कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। रजिस्ट्री वैल्यू के आधार पर 20 से 22 करोड़ का वैल्यू है।जमीन की खरीददारी सरकारी वैल्यू से कम निर्धारित की गई है।कुछ जमीन के डीड दूसरे व्यक्तियों के नाम से खरीददारी किए जाने के भी मिले हैं।वहीं घर में कटे कई नोट भी आयकर विभाग के अधिकारियों को प्राप्त हुआ है,जो हवाला कारोबार से जुड़े होने के सबूत और संकेत पेश कर रहा है। अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जब्त मोबाइल जो घर वालों के द्वारा सर्वे के दौरान छिनतई की गई थी,नहीं मिले हैं।वहीं हंगामे के बीच कागजातों को हटाने की भी बात आयकर विभाग के अधिकारियों ने कही।

भागलपुर आयकर विभाग अन्वेषण ब्यूरो की उप निदेशक ने बताया कि 6 महीना पहले लगभग साढ़े पांच करोड़ का टैक्स जमा किया गया था। उन्होंने बताया कि टैक्स पेनेल्टी का निर्धारण बाद में किया जाएगा।टैक्स पेनेल्टी जो होगा,उसे जमा नहीं करने पर संपत्ति जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा की शपथ पत्र में जो बातें कही गई है, उनमें भिन्नता होने पर प्राथमिकी भी दर्ज करने का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि जब्त सभी दस्तावेजों के साथ अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

बहरहाल पांच दिनों से जारी आयकर विभाग के सर्वे कार्य रविवार को पूरा होने के बाद कई दस्तावेजों को जब्त कर आयकर विभाग की टीम साथ ले गई है।

इधर आयकर सर्वे के लिए आवास पर पहुंचे टीम के साथ मारपीट मामले में दर्ज कांड में सुपर हमसफर के मालिक मो.अफसार और मो.असलम के साथ अकीम आलम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।जिसमें मो.अफसार और मो.असलम को आयकर विभाग ने रिमांड पर लेकर शुक्रवार को कड़ी पूछताछ भी की थी।रिमांड की अवधि के बाद दोनों को फिर से जेल भेज दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर