निजी स्कूल वसूल रहे थे अवैध शुल्क, अब 1 लाख तक लगेगा जुर्माना

 


कटिहार, 11 अप्रैल (हि.स.)। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन शुरू होते ही निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए कठोर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि नियमों के खिलाफ पुनः नामांकन शुल्क, वार्षिक शुल्क और अन्य अनुचित शुल्क वसूलने वाले स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

जिला प्रशासन को विभिन्न माध्यमों और अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूल अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही ऊँचे दामों पर पाठ्य-पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसे अभिभावकों का आर्थिक दोहन मानते हुए प्रशासन ने बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 और आरटीई अधिनियम 2009 के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है।

जारी आदेश के अनुसार सभी निजी विद्यालयों को 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टियाँ और पूरा शुल्क विवरण प्रदर्शित करना होगा। अभिभावक अपनी सुविधानुसार कहीं से भी किताबें और ड्रेस खरीद सकेंगे। स्कूल या स्कूल द्वारा तय दुकान से खरीदना अनिवार्य नहीं होगा।

जिलाधिकारी ने साफ किया है कि कोई भी विद्यालय शुल्क में 7 प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं कर सकता। प्रथम उल्लंघन पर न्यूनतम 1 लाख रुपये तक का अर्थदंड, दूसरी बार उल्लंघन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना और लगातार उल्लंघन पर विद्यालय की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही आरटीई नियमावली के तहत यूनिफॉर्म के स्वरूप में 3 वर्षों तक कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन के नाम पर किसी भी प्रकार का शुल्क लेना प्रतिबंधित कर दिया गया है।

सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने और दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी लगातार इसकी निगरानी करेंगे। आदेश की अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधन पर सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह