नीलगायों व जंगली सुअरों के लिए पांच प्रखंडों में आखेट अभियान शुरू

 

सारण, 08 मार्च (हि.स.)। जिले के पांच प्रखंडों के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। विभिन्न पंचायतों में फसलों को व्यापक क्षति पहुंचा रहे घोड़पड़ास और जंगली सुअरों के आतंक को समाप्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। वन प्रमंडल के सहयोग से इन जानवरों के आखेट के लिए एक विस्तृत रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके तहत 8 मार्च से 11 मार्च तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। किसानों की लगातार शिकायतों और संबंधित पंचायतों के मुखिया के विशेष अनुरोध पर निर्धारित सरकारी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह निर्णय लिया गया है।

इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए हैदराबाद से वन विभाग के विशेषज्ञ शूटरों की टीम बुलाई गई है, जो अपनी तकनीकी दक्षता के साथ चिन्हित क्षेत्रों में आखेट करेंगे। वन विभाग द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार मशरक प्रखंड के सोनौली एवं खजुरी, इसुआपुर प्रखंड के इसुआपुर एवं रामपुर अटौली, एकमा के अतरसन एवं एकसार और बनियापुर एवं मढ़ौरा के पिरौटा खास बनियापुर एवं रामपुर मढ़ौराआखेट करेंगे। पिछले लंबे समय से इन क्षेत्रों में नीलगायों और जंगली सुअरों के झुंड तैयार फसलों को बर्बाद कर रहे थे, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही थी। स्थानीय प्रतिनिधियों की मांग पर वन प्रमंडल ने सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए आखेट की अनुमति दी है। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि अभियान के दौरान सतर्क रहें और शूटरों की टीम का सहयोग करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार