सबौर अंचल कार्यालय में बाढ़ पीड़ित महिलाओं का हंगामा, राशन और जीआर राशि की मांग
भागलपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है, जिससे अब तक 2.17 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हो चुकी है।
इस आपदा के बीच सरकारी राहत न मिलने से नाराज पीड़ितों का गुस्सा अब प्रशासनिक कार्यालयों पर फूटने लगा है। गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की बड़ी संख्या में महिलाएं जीआर राशि और सूखे राशन की मांग को लेकर अचानक सबौर अंचल कार्यालय पहुंच गईं।
महिलाओं की भारी भीड़ के कारण कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आक्रोशित महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर सबौर अंचल अधिकारी का घेराव किया और जल्द से जल्द राहत सामग्री मुहैया कराने की मांग की।
अंचल कार्यालय पहुंची महिलाओं का आरोप था कि बाढ़ का पानी घरों में घुस जाने के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह तबाह हो चुकी है। कई परिवारों के सामने दो वक्त के भोजन और जरूरी सामान का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
महिलाओं ने शिकायत की कि सरकार की ओर से मिलने वाली राहत और जीआर राशि उन तक नहीं पहुंच रही है। लगातार स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्हें मजबूर होकर सामूहिक रूप से अंचल कार्यालय का घेराव करना पड़ा। घेराव के बाद अंचल अधिकारी ने महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना।
उन्होंने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को ढाढस बंधाया और आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची और राहत वितरण की वर्तमान स्थिति की तुरंत जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सभी पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सरकारी सहायता पहुंचे और कोई भी पीड़ित इससे वंचित न रहे। इस प्रदर्शन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों के जमीनी दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ितों ने मांग की है कि राहत सामग्री और जीआर राशि का वितरण बिना किसी भेदभाव के जल्द से जल्द कराया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर