सदर अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की बढ़ी संख्या, डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी करने का निर्देश
सुपौल, 05 नवंबर (हि.स.)। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव और सुबह-शाम बढ़ती ठंड के कारण सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल में इन दिनों खासकर सर्दी, खांसी, बुखार और मौसमी संक्रमण से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बच्चों में भी मौसमी बीमारियों का प्रभाव देखने को मिल रहा है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के बीच अस्पताल में चिकित्सकों के समय पर ड्यूटी करने की बात सामने आई है।
इस संबंध में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिशंकर ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। खासकर बच्चों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बीमारी से बचाव के लिए दवा के साथ-साथ परहेज पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। ठंडा पानी पीने से बचें और गर्म पानी का सेवन करें। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें तथा बच्चों को सुबह और शाम के समय विशेष रूप से ठंड से सुरक्षित रखें।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर बिना देर किए चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। स्वयं से दवा लेने से बचना चाहिए। सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। मरीजों को इलाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए चिकित्सकों को निर्धारित समय पर ड्यूटी करने तथा मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है।
सिविल सर्जन बाबू साहब झा ने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी मरीज को इलाज, दवा या अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर परेशानी होती है और इसकी शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई पर उनका विशेष ध्यान रहता है। अस्पताल परिसर, वार्ड और मरीजों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित कर्मियों को भी निर्देशित किया जाता है।
मौसम में बदलाव को देखते हुए चिकित्सकों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें। विशेषकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को ठंड से बचाव करना चाहिए। साफ-सफाई का ध्यान रखने, गर्म पानी पीने और खानपान में सावधानी बरतने से मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है। अस्पताल प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि मरीजों को बेहतर इलाज और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र