उद्यानिक फसलों की उन्नत खेती पर प्रशिक्षण: ड्रोन तकनीक और आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई से रूबरू हुए किसान
कटिहार, 20 अगस्त (हि.स.)। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) द्वारा गुरुवार को संयुक्त कृषि भवन के सभागार में उद्यानिक फसलों की उन्नत खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) राजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से आए प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया, जिनमें विशेष रूप से बैंगन पाठशाला तथा भिंडी एवं फूलगोभी प्रत्यक्षण से जुड़े किसान शामिल थे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से भिंडी, फूलगोभी और बैंगन की खेती करने की संपूर्ण तकनीक समझाई। उन्होंने स्लाइड प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खेत की तैयारी, उन्नत किस्मों के चयन, बीज उपचार, वैज्ञानिक बुआई, खरपतवार व पोषक तत्व प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र कटिहार के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मृणाल वर्मा ने मखाना की फसल में छिड़काव की सही तकनीक, ड्रिप सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लाभों पर चर्चा की। कृषि अभियंत्रण के उप निदेशक प्रमोद कुमार ने कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने और आधुनिक यंत्रों से गुणवत्तापूर्ण खेती के तरीके बताए। वहीं पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक जय किशन कुमार ने किसानों को अनुदानित दर पर ड्रोन तकनीक द्वारा दवाओं एवं कीटनाशकों के छिड़काव हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
आत्मा की उप परियोजना निदेशक दीक्षा कुमारी ने बागवानी फसलों में लगने वाले प्रमुख रोगों की पहचान और उनकी रोकथाम के उपाय साझा किए, जबकि उप परियोजना निदेशक शशिकांत झा ने किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) व कृषक हित समूह बनाने तथा पाठशालाओं के सुचारू संचालन पर मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी रश्मि कुमारी सहित कृषि विभाग और आत्मा के कई अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह