हिंदी-अंग्रेजी नहीं पढ़ पा रहे बच्चे, डीईओ ने जताई नाराजगी; एचएम को दी कार्रवाई की चेतावनी
सुपौल, 09 मई (हि.स.)। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की शैक्षणिक स्थिति को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संग्राम सिंह ने गंभीर चिंता जताई है। शनिवार को मध्य विद्यालय चक डुमरिया और उच्च माध्यमिक विद्यालय चक डुमरिया के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का स्तर जांचा।
इस दौरान कई बच्चे अपनी कक्षा की हिंदी और अंग्रेजी की किताबें भी सही ढंग से नहीं पढ़ पाए, जिस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान डीईओ ने कहा कि जो बच्चे हिंदी और अंग्रेजी धाराप्रवाह तरीके से पढ़ने और लिखने में सक्षम नहीं हैं, उन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त मेहनत की जाए, ताकि उनमें पठन-पाठन की क्षमता विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना शिक्षकों और एचएम की जिम्मेदारी है तथा इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी शिक्षकों को छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के लिए नियमित प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में सुधार होने से साप्ताहिक और मासिक परीक्षाओं के परिणाम भी बेहतर होंगे। विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने वाले एचएम और शिक्षकों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। मध्य विद्यालय चक डुमरिया के परिसर, वर्ग कक्ष और शौचालय में गंदगी पाई गई, जबकि कई बेंच-डेस्क अस्त-व्यस्त हालत में मिले। डीईओ ने कार्यालय कक्ष में लगे मोटर और चापाकल को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का निर्देश एचएम को दिया। वहीं उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा नौ और दस के कई छात्र बिना निर्धारित पोशाक के स्कूल पहुंचे थे। इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि सभी छात्र-छात्राएं निर्धारित पोशाक में ही विद्यालय आएं। साथ ही विद्यालय परिसर, वर्ग कक्ष और शौचालय की प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र