पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना-2047 पर मंथन
पटना, 07 अगस्त (हि.स.)। बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की प्रारूप विकास योजना-2047 पर विचार-विमर्श के लिए बिहार शहरी आयोजना एवं विकास बोर्ड के सदस्यों और संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों की बैठक हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से आयोजित बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित टाउनशिप की विकास योजना के विभिन्न पहलुओं पर संबंधित विभागों के सुझाव प्राप्त करना था।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए। इस दौरान विकास आयुक्त ने कहा कि शहरीकरण की वर्तमान प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्र तेजी से शहरी स्वरूप ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन कई स्थानों पर आवश्यक शहरी सुविधाओं और सुनियोजित आधारभूत संरचना का समानांतर विकास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप जैसी परियोजनाएं केवल नए आवासीय क्षेत्र विकसित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इन्हें सुनियोजित और सुविधायुक्त शहरी विकास का मॉडल बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समय के साथ शहरी नियोजन की अवधारणा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। आधुनिक शहरों में रोजगार, आवास, वाणिज्यिक गतिविधियां, संस्थागत सुविधाएं, मनोरंजन और सार्वजनिक सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसलिए प्रस्तावित टाउनशिप को केवल आवासीय परियोजना के रूप में विकसित करने के बजाय निवास, रोजगार, वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना जरूरी है।
विकास आयुक्त ने कहा कि टाउनशिप की ऐसी योजना तैयार की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में लोगों को बुनियादी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता न पड़े और एकीकृत शहरी सुविधाएं उनके आसपास ही उपलब्ध हों।
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की प्रारूप विकास योजना-2047 पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नियोजन परिप्रेक्ष्य, क्षेत्रीय नियोजन ढांचा, वर्तमान स्थिति के विश्लेषण, टाउनशिप के विजन, विकास उद्देश्यों एवं नियोजन सिद्धांतों, स्थानिक विकास रणनीति और प्रस्तावित भूमि उपयोग योजना की जानकारी दी।
बैठक में सामाजिक आधारभूत संरचना, गतिशीलता एवं ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), आर्थिक विकास रणनीति, पर्यावरण संरक्षण, ब्लू-ग्रीन अवसंरचना, जलवायु अनुकूल विकास, डिजिटल अवसंरचना एवं स्मार्ट शहरी प्रणालियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा चरणबद्ध कार्यान्वयन, निवेश रणनीति, विकास नियंत्रण विनियम और शहरी डिजाइन दिशानिर्देशों पर भी अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया।
बैठक में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी