गर्मी और लू से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर
कटिहार, 13 अप्रैल (हि.स.)। अप्रैल की तपिश बढ़ते ही कटिहार जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने एनआईसी सभागार में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में दो टूक कहा कि भीषण गर्मी और लू से निपटने की पूरी तैयारी रखें। ‘पानी की किल्लत और लू से एक भी मौत हुई तो जवाबदेही तय होगी।’
अपर समाहर्ता आपदा ने ग्रीष्मकाल की चुनौतियों पर दृश्य प्रस्तुति दी। बताया कि कटिहार में हर साल लू के थपेड़े जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर देते हैं। छोटे बच्चे, विद्यालयी बच्चे, गर्भवती व धात्री महिलाएं और रोज कमाने-खाने वाले दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। पेयजल संकट भी विकराल हो जाता है।
दूरसंवाद माध्यम से जुड़े सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दृश्य प्रस्तुति में बताए गए सभी दिशा-निर्देश जमीन पर उतारें। इसमें लू की परिभाषा, मापदंड, सचेतक व्यवस्था, पूर्व चेतावनी, विभागवार कार्य योजना, सुरक्षा उपाय और ‘लू लगने पर क्या करें-क्या न करें’ शामिल हैं। पंचायत स्तर तक इसका प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारियों से एक-एक प्रखंड का प्रतिवेदन लिया। स्वास्थ्य व आरोग्य केंद्र, खेल मैदान, पानी की टंकी, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र के लिए आवंटित भूमि की स्थिति पर सख्त समीक्षा की। स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां भी भूमि का अनापत्ति प्रमाण-पत्र या अतिक्रमण अड़चन बना है, उसे प्राथमिकता पर निपटाएं ताकि निर्माण कार्य शुरू हो सके। ‘विकास की रफ्तार जमीन के अभाव में नहीं रुकनी चाहिए।’ जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण वाली सरकारी जमीन को अभियान चलाकर मुक्त कराएं। गर्मी में चापाकल, जलवाहन और प्याऊ की व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा समेत जिला स्तरीय समन्वय समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी दूरसंवाद माध्यम से जुड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह