बरसात के मौसम में स्वास्थ्य सेवाएं हाई अलर्ट पर, 102 एम्बुलेंस हर आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार
भागलपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, दस्त, टायफाइड और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा को भागलपुर में विशेष अलर्ट मोड पर संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार के सहयोग से ज़ेनप्लस सर्विसेज द्वारा संचालित यह सेवा पूरे राज्य में चौबीसों घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिले में एम्बुलेंस संचालन, कंट्रोल रूम और फील्ड टीमों की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को बिना विलंब अस्पताल पहुंचाया जा सके।
पटना स्थित 102 एम्बुलेंस कंट्रोल सेंटर में कार्यरत डॉक्टर हिमांशु कुमार ने बताया कि बरसात के दौरान डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार, टायफाइड, दस्त, फूड पॉइजनिंग और त्वचा संबंधी संक्रमण के मामलों में वृद्धि होना सामान्य है। जलजमाव, दूषित पेयजल और बढ़ी हुई नमी संक्रमण फैलने के प्रमुख कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों तथा पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बिहार के प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून के दौरान बढ़ने वाली स्वास्थ्य आपात स्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में एम्बुलेंस संचालन व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और प्रत्येक आपातकालीन कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एम्बुलेंस टीमों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी जरूरतमंद मरीज को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। आवश्यकता पड़ने पर 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का लाभ उठाकर समय पर अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर उपचार ही गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर