बाढ़ के बीच गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की विशेष पहल
भागलपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। बाढ़ प्रभावित और संभावित रूप से जलजमाव वाले क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत जोखिम वाले क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं का डेटा और जानकारी जुटा रही हैं। महिलाओं की प्रसव की संभावित तिथि, स्वास्थ्य की स्थिति और गर्भावस्था के दौरान दिखने वाले जोखिम के लक्षणों के आधार पर उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग का मुख्य जोर इस बात पर है कि जिन महिलाओं की डिलीवरी की तारीख नजदीक है, उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने या रास्ता ब्लॉक होने से पहले ही हर हाल में सुरक्षित अस्पतालों तक शिफ्ट कर दिया जाए।
इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ के संकट के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा होने पर किसी भी महिला या नवजात को अस्पताल पहुंचने में कोई परेशानी न हो। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को एडवांस में ही अस्पतालों में भर्ती या स्थानांतरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों, अस्पताल प्रबंधन और आशा कार्यकर्ताओं को आपसी तालमेल के साथ 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आपातकालीन परिवहन और रेफरल एम्बुलेंस व्यवस्था को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपीलकिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाएं और उनके परिवार वाले प्रसव की तारीख नजदीक आने पर अंतिम समय का इंतजार बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए तुरंत अपनी नजदीकी आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क करें और समय रहते अस्पताल पहुंचें।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर