सुपौल में 74 समेकित स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ, घर-घर तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएं : डीएम

 




सुपौल, 09 जून (हि.स.)। जिले में आम लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई।

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (बीएसएसीएस) तथा बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति (बीजीजेएएस) के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 74 समेकित स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया गया। किशनपुर प्रखंड के मलाढ़ पंचायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सावन कुमार ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही किसी भी व्यक्ति के समग्र विकास की आधारशिला है। यदि व्यक्ति स्वस्थ रहेगा तभी वह शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में बेहतर योगदान दे सकेगा।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन कई बार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिले में समेकित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है, ताकि लोगों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों तथा अन्य फ्रंटलाइन कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनसे अधिक से अधिक लोगों को शिविरों तक लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना किसी भी स्वास्थ्य अभियान को पूरी सफलता नहीं मिल सकती। साथ ही उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि जिले के सभी 74 शिविरों में प्रशिक्षित चिकित्सकों, नर्सों, लैब तकनीशियनों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात की गई है। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच, परामर्श तथा आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि वे स्वयं भी विभिन्न शिविरों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति के कार्यपालक निदेशक कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयास से चलाया जा रहा यह अभियान राज्य में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार संभव हो पाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की झिझक छोड़कर स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श दिया गया। कई लोगों ने रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी एवं अन्य बीमारियों की जांच कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव, पोषण, स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम में किशनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा टीम, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम), प्रखंड सामुदायिक समन्वयक (बीसीएम), डीआईएस बंधु नाथ झा, लैब टेक्नीशियन चंदन कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

इसके अलावा बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति की मुख्यालय एवं सुपौल इकाई की टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, मुखिया, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं, जीविका दीदियां तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं उपस्थित ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र