भागलपुर में कोसी नदी का कहर, रेलवे लाइन बांध का 15 मीटर हिस्सा टूटा, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
भागलपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत रंगरा चौक प्रखंड के बनिया इलाके में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के तेज दबाव के कारण रेलवे लाइन बांध का करीब 15 मीटर हिस्सा टूट गया है। बांध टूटते ही बाढ़ का पानी बेहद तेज रफ्तार से गांवों की ओर बहने लगा है, जिससे आसपास के कई गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है और स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में रात के समय हुई भारी बारिश और तेज आंधी के बाद कोसी नदी के जलस्तर में अचानक और अत्यधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी के उफान के कारण रेलवे लाइन बांध पर पानी का दबाव लगातार बढ़ता चला गया, जिसके परिणामस्वरूप बांध का लगभग 15 मीटर का हिस्सा अचानक जमींदोज हो गया। टूटे हुए हिस्से से पानी का सैलाब गांवों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी अब साधोपुर, मसूदनपुर, बैसी, भवानीपुर और नवगछिया-बनिया समेत आसपास के कई ग्रामीण इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। पानी के इस विनाशकारी बहाव के कारण साधोपुर से बनिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का भी करीब आधा हिस्सा टूटकर बह गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका खड़ी हो गई है। रंगरा प्रखंड के मदरौनी और चापर समेत कई गांव पहले से ही बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। ऐसे में रेलवे लाइन बांध के भी टूट जाने से ग्रामीणों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गई हैं और लोग सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित तकनीकी विभाग की टीमें मौके पर मुस्तैद हैं। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे खुद पूरे घटनाक्रम और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा भी लिया है।
विभाग के कर्मियों द्वारा तेज बहाव के बीच ही टूटे रेलवे लाइन बांध के रिस्टोरेशन का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। हालांकि, पानी की रफ्तार अत्यधिक तेज होने की वजह से मरम्मत कार्य में भारी बाधा आ रही है। फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करते हुए बांध के टूटे हिस्से को जल्द से जल्द बहाल करना है, ताकि अन्य गांवों को जलमग्न होने से बचाया जा सके। प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर