भागलपुर में बाढ़ व अतिवृष्टि का कहर: 31 हजार हेक्टेयर से अधिक की फसलें बर्बाद, 51.43 करोड़ मुआवजे का आकलन
भागलपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में अगस्त और सितंबर के महीनों के दौरान आई भीषण बाढ़ और लगातार हुई अतिवृष्टि (भारी बारिश) ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है।
कृषि विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में 31,260 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। इस भारी नुकसान की भरपाई और अन्नदाताओं को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने कुल 51.43 करोड़ रुपये के मुआवजे का आकलन किया है। बाढ़ और जलजमाव के कारण धान, मक्का और सब्जियों की अगेती फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के सामने लागत निकालने का भी संकट खड़ा हो गया है।
संकट की इस घड़ी में राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन तेजी से जुटा हुआ है। विभाग को अब तक प्राप्त हुए आवेदनों में से 25,787 इनपुट सब्सिडी (मुआवजा) आवेदनों का सफलतापूर्वक निबटारा किया जा चुका है और राशि सीधे योग्य किसानों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
कृषि अधिकारियों का कहना है कि शेष बचे आवेदनों की भी तेजी से स्क्रूटनी (जांच) की जा रही है, ताकि दुर्गा पूजा के त्योहार से पहले अधिक से अधिक प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सके।
वहीं स्थानीय किसान संगठनों ने मांग की है कि बटाईदार किसानों को भी इस मुआवजे का उचित लाभ मिलना चाहिए, क्योंकि सबसे ज्यादा मार उन्हीं पर पड़ी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर