हरियाली अमावस्या पर कृषि विज्ञान केंद्र में पौधरोपण, किसानों को आम्रपाली आम की खेती से आय बढ़ाने का संदेश
बक्सर12 अगस्त (हि.स.)। हरियाली अमावस्या के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर परिसर में राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत पौधरोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के आह्वान तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं किसानों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र की मेड़ पर फलदार आम के आम्रपाली प्रभेद के पौधे लगाए गए। वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. देवकरन ने किसानों को आम्रपाली आम की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रभेद मध्यम अवधि में फल देने वाला, नियमित फलन एवं सघन बागवानी के लिए उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि आम्रपाली के पौधों को कतार से कतार तथा पौधे से पौधे की करीब 2.5 मीटर दूरी पर लगाया जा सकता है। सामान्यतः इसमें तीसरे वर्ष से फलन शुरू हो जाता है और इसके फल स्वाद में मीठे होते हैं।
डॉ. देवकरन ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसलों के साथ-साथ मेड़ का भी बेहतर उपयोग करें। मेड़ पर फलदार पौधे लगाने से अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता के बिना किसानों को भविष्य में अतिरिक्त आमदनी का स्रोत मिल सकता है। उन्होंने पौधरोपण के साथ पौधों के नियमित रखरखाव और वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ हरिगोबिन्द, डॉ. रामकेवल, रितेश राम, ब्रह्मदेव पासवान, निरंजन राम, विनय कुमार, संतोष कुशवाहा एवं अख्तर अली सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं आरीफ प्रवेज, रवि चटर्जी, राजेश कुमार राय एवं सरफराज अहमद खान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra