रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
पटना, 05 नवंबर (हि.स.)। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) को लेकर गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण की व्यवस्था होगी। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर अर्थात् 15 दिनों में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी मिशन के तहत गांवों के समग्र विकास एवं ग्रामीण रोजगार के लिए 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को शामिल करें। आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण में 12 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे। साथ ही अतिरिक्त 02 लाख रूपये आंगनबाड़ी केन्द्रों के साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री, फर्नीचर आदि पर खर्च किये जायेंगे।
उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी मिशन के तहत अभी तक 1.5 लाख योजनायें ली गई हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर 3 लाख करें। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांवों में मुलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुये उन सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें, इसके लिए संबंधित विभाग समन्वय करें, जिलाधिकारी इसकी सतत् निगरानी करें। आंगनबाड़ी, स्कूल, हेल्थ केयर सेंटर, ग्रामीण हाट, वृक्षारोपण कार्य, जल संरक्षण, विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान का निर्माण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को पूर्ण करने के लिए तेजी से काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। इसके तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने योजनाओं के चरणबद्ध क्रियान्वयन के साथ कार्यों की निगरानी में तकनीक के अधिकाधिक उपयोग तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सामाजिक अंकेक्षण की प्रभावी व्यवस्था और जनशिकायतों के त्वरित निवारण पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत आधारभूत संरचनाओं के निर्माण एवं विकास को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण को लेकर कहा कि नहरों, जलाशयों एवं अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार आवश्यक है। इन संरचनाओं की मरम्मती एवं पुनर्स्थापन के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सके। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को जल संरक्षण एवं वनीकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर को बनाए रखने तथा भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वृक्षारोपण एवं जल संचयन के कार्यों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाया जाए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी