गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का रूट बदला, पूर्वी ठाकुरगंज में विकास की नई उम्मीद

 


किशनगंज, 18 जून (हि.स.)। सीमांचल की बहुप्रतीक्षित और महत्वपूर्ण सड़क परियोजना गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा जारी संशोधित अलाइनमेंट के अनुसार अब एक्सप्रेसवे ठाकुरगंज प्रखंड के पश्चिमी हिस्से के बजाय पूर्वी क्षेत्र से होकर गुजरेगा।

इस बदलाव से क्षेत्र के कई गांवों में विकास की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं, वहीं कुछ निवेशकों की पूर्व योजनाएं प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। नए अलाइनमेंट के अनुसार एक्सप्रेसवे पौवाखाली और खानाबाड़ी के दक्षिणी हिस्से से गुजरते हुए कोईमारी, कुम्हार टोली, सरायकुड़ी, करूआमनी, बरचौंदी, कुंजीमारी तथा चक्करमारी होते हुए दोगछी पहुंचेगा।

इसके बाद यह बेलबाड़ी और मुरलीडांगी के बीच से होकर कथलडांगी स्थित पेट्रोल पंप एवं हैदर नगर के मध्य क्षेत्र से केटीटीजी रोड को पार करेगा। आगे बढ़ते हुए यह मुंशीभीटा, बेबुलडांगी और कौवाभीटा के समीप से पश्चिम बंगाल में प्रवेश करेगा।परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि किशनगंज जिले में एनएच-327ई से एक्सप्रेसवे का सीधा संपर्क केवल भोगड़ाबर के पास प्रस्तावित इंटरचेंज के माध्यम से होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस इंटरचेंज के आसपास भविष्य में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का तेजी से विकास हो सकता है। एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने 52 मौजों की भूमि चिह्नित कर अधिग्रहण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की खरीद-बिक्री और निबंधन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही केंद्रीय मूल्यांकन समिति द्वारा आवासीय, विकासशील तथा दो फसली कृषि भूमि के न्यूनतम मूल्य रजिस्टर (एमवीआर) का विशेष पुनरीक्षण कर नई सरकारी दरें निर्धारित की गई हैं, ताकि प्रभावित किसानों को उचित और पारदर्शी मुआवजा मिल सके। भूमि अधिग्रहण की जद में आने वाले प्रमुख मौजों में कठारो, बरचौंदी, जिरनगछ, बहादुरपुर, अमलझाड़ी, कोदालछाड़ा, भोगड़ाबर, रूईधासा, छेतल, दोगछी, गिथिनकोला और भोलमारा सहित कई गांव शामिल हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला यह आर्थिक गलियारा सीमांचल के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा परिवहन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। पूर्वी ठाकुरगंज के ग्रामीण क्षेत्रों में इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि की नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह