गंगा का जलस्तर बढ़ा, दियारा इलाकों में बढ़ी चिंता; फसल-चारे पर मंडराया संकट

 

बक्सर , 24 अगस्त (हि.स.)। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने जिले के दियारा और निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी फैलने से फसलों के प्रभावित होने की आशंका है, वहीं पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट गहराने लगा है। चौसा, सिमरी, चक्की, ब्रह्मपुर और नैनीजोर के तटीय क्षेत्रों में ग्रामीण जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पानी बढ़ने से खेतों तक पहुंच और आवागमन भी प्रभावित होने लगा है।

पशुपालकों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो हरे चारे की उपलब्धता और उसे सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुचारे की पर्याप्त व्यवस्था कराने की मांग की है।

प्रशासन अलर्ट, तटीय इलाकों पर नजर

गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी साहिला ने तटवर्ती क्षेत्रों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के आधार पर जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों, तटबंधों और घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

जलस्तर बढ़ा, फिर भी रामरेखा घाट पर उमड़ी आस्था

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर रविवार को रामरेखा घाट पर कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा जल लेकर विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना हुए।

घाट पर सामाजिक संगठनों और सेवा शिविरों की ओर से पेयजल, शरबत, फल समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

वहीं, ब्रह्मपुर के बाबा बरमेश्वरनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। आस्था के इस सैलाब के बीच प्रशासन के लिए भीड़ नियंत्रण और नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra