रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान : तारकिशोर प्रसाद

 


कटिहार, 11 जून (हि.स.)। जिले के किसानों को पारंपरिक रासायनिक खेती के हानिकारक प्रभावों से बचाने और उन्हें प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आत्मा द्वारा आयोजित इस 'प्राकृतिक खेती विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम' का विधिवत उद्घाटन पूर्व उपमुख्यमंत्री सह सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद, प्राणपुर विधायक निशा सिंह, कोढ़ा विधायक कविता पासवान, कदवा विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी और जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद ने चिंता जताते हुए कहा कि आज कृषि में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है, बल्कि इसके उपभोग से मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कई भयंकर बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की लागत का आधा हिस्सा केवल उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में ही चला जाता है। यदि किसान खेती में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं और मानव स्वास्थ्य को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होना होगा। वहीं, कदवा विधायक ने भी रसायनों के प्रयोग से उपजे अनाज व सब्जियों को जीवन के लिए खतरा बताते हुए प्राकृतिक विधि से उत्पादन पर जोर दिया।

जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने किसानों को रासायनिक खेती छोड़ने के लिए जागरूक किया। उन्होंने किसानों को रासायनिक कीटनाशकों की जगह देसी गाय के गोबर और गौमूत्र से निर्मित कीटनाशक बनाने की विधि बताई। साथ ही खेतों में नीमास्त्र, जीवामृत एवं बीजामृत के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि यह खाद बहुत ही सस्ती होती है और इसके प्रयोग से न केवल उत्पादन अधिक प्राप्त होता है, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है।

प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा एक विशेष तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र में जैविक खाद, बायो-कीट नियंत्रण, मिट्टी स्वास्थ्य सुधार, बीज चयन एवं संरक्षण तथा कम लागत में अधिक उपज देने वाली फसलों के संयोजन और जल प्रबंधन पर व्यावहारिक चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों ने प्रशिक्षकों से सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और अपने खेतों में प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाने के प्रति गहरी रुचि दिखाई। इस मौके पर जैविक नोडल पदाधिकारी-सह-सहायक निदेशक (रसायन), किसान मोर्चा के सदस्य, कृषि सखी और भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह