कसबा गोलाघाट और सखीचंद घाट के घरों में घुसा गंगा का पानी, मंडराया महामारी का खतरा
भागलपुर, 26 अगस्त (हि.स.)।
नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 के अंतर्गत आने वाले कसबा गोलाघाट एवं सखीचंद घाट इलाकों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचानी शुरू कर दी है।
नदी किनारे बसे दर्जनों परिवारों के घरों में बाढ़ और जलजमाव का गंदा पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इलाके में गंदे पानी के ठहराव के कारण भीषण दुर्गंध फैल चुकी है, जिससे लोगों का सांस लेना भी मुहाल हो गया है।
सबसे बड़ा खतरा रात-दिन घरों में घुस रहे जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों से बना हुआ है। कसबा गोलाघाट निवासी मेघु राम, मनोज राय, जोगेन्द्र दास, पूरण पासवान समेत कई प्रभावित परिवारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि घरों के चारों तरफ पानी भरने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा दांव पर लगी है।
लंबे समय से जमा इस दूषित पानी के कारण इलाके में भीषण जलजनित बीमारियां और महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता राकेश कुमार ओझा ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत निरीक्षण करना चाहिए। श्री ओझा ने नगर निगम से मांग की है कि घरों में घुसे पानी को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाए। संक्रमण को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर और आवश्यक एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव हो।
जहरीले जीव-जंतुओं से बचाव और उन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग या विशेषज्ञों की विशेष टीम तैनात की जाए। जदयू नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस समय प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की जान-माल की सुरक्षा और उन्हें तत्काल राहत सामग्री पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलजमाव की समस्या का शीघ्र और ठोस समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति बेहद भयावह और नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर