दाहा नदी को बचाने के लिए अधिकारियों ने उठायी झाड़ू, जलकुंभी हटाकर किया श्रमदान
सीवान, 04 नवंबर (हि.स.)। सीवान की जीवनरेखा मानी जाने वाली बाणगंगा (दाहा) नदी के संरक्षण के लिए बुधवार को जिला प्रशासन और आम नागरिकों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। गंगा उत्सव के अवसर पर आयोजित नदी संरक्षण चेतना जागरण कार्यक्रम में अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों ने नदी को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने का संकल्प लिया।
इस दौरान उपविकास आयुक्त अमिताभ सिंह सहित वरीय अधिकारियों ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया और नदी के कुछ हिस्सों से जलकुंभी हटाने के लिए श्रमदान किया। जिला प्रशासन और नमामि गंगे अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत गांधी मैदान से नदी संरक्षण चेतना जागरण रैली के साथ हुई। रैली गांधी मैदान से जेपी चौक और पटेल चौक होते हुए दाहा नदी के पुलवा घाट पहुंची।
इसमें जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने नदी संरक्षण से जुड़े आकर्षक पोस्टर के माध्यम से लोगों को नदियों को स्वच्छ रखने और उनके अस्तित्व की रक्षा करने का संदेश दिया।
एनसीसी कैडेट्स बैंड वादन करते हुए रैली में शामिल हुए। पुलवा घाट पर आयोजित मुख्य समारोह में अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया। सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक मिन्हाजुद्दीन और नमामि गंगे की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पूजा कुमारी ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्रो. रविंद्र नाथ पाठक ने नदी संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जनभागीदारी को जरूरी बताया। इस अवसर पर दाहा नदी के संरक्षण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रो. रीता कुमारी, डॉ. पूजा तिवारी और डॉ. रीता शर्मा को डीडीसी अमिताभ सिंह ने सम्मानित किया। नदी संरक्षण पर पोस्टर बनाने वाले बच्चों का भी उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता गणेश दत्त पाठक ने किया।
इसके बाद पुलवा घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झाड़ू लगाकर कचरा हटाया। डीडीसी ने जलकुंभी की सफाई में भी श्रमदान किया। डीडीसी अमिताभ सिंह ने कहा कि नदियां हमारी जीवनरेखा हैं। इनके किनारे ही सभ्यता और संस्कृति का विकास हुआ है। नदियां जैव विविधता के संरक्षण, भूजल स्तर को सुरक्षित रखने और सिंचाई जैसी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सीवान की दाहा नदी आज संकट में है, लेकिन सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से इसका संरक्षण संभव है।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता प्रमोद कुमार, इस्तियाक अली अंसारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय, सोहेल अहमद, उपेंद्र कुमार, जितेंद्र प्रताप सिंह, विपिन कुमार, शालू कुमारी, तनुजा श्री सहित कई अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नदी संरक्षण का यह संकल्प तभी सार्थक होगा, जब सफाई और प्रदूषण नियंत्रण की पहल एक दिवसीय आयोजन से आगे बढ़कर नियमित अभियान का रूप लेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma