राघोपुर में चार दिनों के भीषण तांडव के बाद थमा गंगा का कटाव, लेकिन नई जगह बांध पर मंडराया खतरा
भागलपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। जिले के इस्माईलपुर-बिहपुर तटबंध के अंतर्गत आने वाले राघोपुर गांव में पिछले चार दिनों से जारी गंगा नदी का भीषण कटाव आखिरकार थम गया है। करीब 100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर पूरी तरह गंगा में समाहित होने के बाद अब उस स्थल पर नदी शांत हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
हालांकि, राहत की यह सांस ज्यादा लंबी नहीं दिखी, क्योंकि अब गंगा ने एक नई जगह पर जमींदारी बांध की तरफ कटाव करना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू करने की मांग की है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और प्रशासन की टीम द्वारा रात-दिन की गई मेहनत के बाद प्रभावित स्थल पर 'ऐज' का काम पूरा कर लिया गया है, जिसके कारण मुख्य आबादी की ओर बढ़ रहा कटाव रुक गया है। लेकिन प्रशासन के सामने असली चुनौती अब खड़ी हुई है।
जानकारों का कहना है कि गंगा का जलस्तर जैसे ही घटना शुरू होगा, तटबंधों पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा। वर्तमान में राघोपुर गांव को बचाने के लिए ब्रिटिश काल की पुरानी रेलवे लाइन (जो अब एक बांध का रूप ले चुकी है) सुरक्षा कवच का काम कर रही है। लेकिन नदी की नई धाराओं ने अब इस बांध के निचले हिस्सों को काटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस बांध को नुकसान पहुंचा, तो पूरा राघोपुर गांव और आसपास के इलाके जलमग्न हो जाएंगे।
इसी वजह से ग्रामीण लगातार नई जगहों पर भी फ्लड फाइटिंग और बोल्डर क्रेटिंग की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर ड्रोन कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है। कटावरोधी कार्य में खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और गोपालपुर जैसे पड़ोसी जिलों के सैकड़ों युवा और ट्रैक्टर लगातार जियो बैग व बोल्डर पहुंचाने में जुटे हैं। जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों व सामुदायिक रसोइयों की व्यवस्था भी सक्रिय कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर