गणेश महोत्सव 15 सितंबर को, 14 सितंबर को मनाया जाएगा चौठचंद्र

 


सुपौल, 09 सितंबर (हि.स.)। वर्ष 2026 में गणेश महोत्सव एवं सिद्धिविनायक व्रत की तिथि को लेकर पंचांग परंपराओं के आधार पर अलग-अलग मत सामने आए हैं। मिथिला की पंचांग परंपरा के अनुसार इस वर्ष श्रीगणेश पूजनोत्सव एवं सिद्धिविनायक व्रत 15 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। वहीं चौठचंद्र (चौरचन) पर्व 14 सितंबर, सोमवार की शाम को मनाया जाएगा।

प्राप्त तिथि-गणना के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:27 बजे प्रारंभ होकर 15 सितंबर को सुबह 8:03 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। धर्मशास्त्रीय परंपरा में एक मत के अनुसार गणेश पूजन के लिए मध्याह्न काल में चतुर्थी की व्याप्ति को प्रमुख माना जाता है। इस आधार पर 14 सितंबर को गणेश पूजन के लिए ग्राह्य माना जा सकता है, क्योंकि इस दिन मध्याह्न काल में चतुर्थी विद्यमान रहेगी।

हालांकि, मिथिला पंचांग परंपरा, जिसमें कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय पंचांग एवं वैदेही पंचांग शामिल हैं, के अनुसार 15 सितंबर को गणेशोत्सव मनाना अधिक उपयुक्त माना गया है। इसके पीछे उदयातिथि, परविद्धा तिथि तथा चतुर्थी-पंचमी के संयोग को प्रमुख आधार बताया गया है। 15 सितंबर को सूर्योदय के समय चतुर्थी तिथि विद्यमान रहेगी और लगभग सुबह 8:03 बजे तक चतुर्थी रहेगी। साथ ही यह दिन मंगलवार होने के कारण भौम-चतुर्थी का संयोग बन रहा है।

शास्त्रीय मान्यताओं में इस संयोग को विशेष फलदायी माना गया है। तंत्राचार्य अरुण कुमार झा ‘मुन्ना’ के अनुसार मिथिला की धार्मिक परंपरा में पंचांग निर्धारण में केवल तिथि की गणना ही नहीं, बल्कि उदयकालीन तिथि, वार और तिथि-युग्म को भी महत्व दिया जाता है। उनके अनुसार 15 सितंबर को बनने वाला भौम-चतुर्थी संयोग गणपति पूजन और साधना की दृष्टि से विशेष है।

उन्होंने साधकों एवं यजमानों को सलाह दी है कि 15 सितंबर को सुबह 8:03 बजे से पहले ही संकल्प, कलश स्थापना एवं पार्थिव गणेश पूजन का प्रारंभ कर लें, ताकि चतुर्थी तिथि की उपस्थिति में अनुष्ठान शुरू किया जा सके। मिथिला में दोनों पर्वों के कर्म-विभाजन के अनुसार 14 सितंबर की शाम चौठचंद्र (चौरचन) मनाया जाएगा। यह पर्व प्रदोषकाल और चंद्रदर्शन से जुड़ा है। वहीं 15 सितंबर को श्रीगणेश पूजनोत्सव, गणेश स्थापना एवं सिद्धिविनायक व्रत संपन्न किया जाएगा। इस प्रकार मिथिला पंचांग परंपरा के अनुसार वर्ष 2026 में चौठचंद्र 14 सितंबर और गणेश चतुर्थी 15 सितंबर को मनाने का निर्णय सामने आया है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र