गांधी जयंती पर सिविल कोर्ट परिसर में चला स्वच्छता अभियान, सफाईकर्मियों को किया सम्मानित

 




सुपौल, 02 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के तत्वावधान में शुक्रवार को सिविल कोर्ट परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल राजेश कुमार बच्चन के निर्देशानुसार किया गया। स्वच्छता अभियान का नेतृत्व स्वयं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार बच्चन ने किया। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों एवं न्यायालय कर्मियों के साथ श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिसर और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

अभियान में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामचन्द्र प्रसाद, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव, मुंसिफ सुदीप पाण्डेय, न्यायिक दंडाधिकारी प्रकाश आनंद, न्यायिक दंडाधिकारी अमन कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। न्यायालय के प्रधान लिपिक दिनेश जायसवाल, नाजिर सर्वेश झा सहित अन्य कर्मचारियों और न्यायालय परिसर में कार्यरत सफाईकर्मियों ने भी अभियान में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस दौरान सिविल कोर्ट परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की गई। न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। स्वच्छता अभियान के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सफाईकर्मियों के सम्मान में अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने न्यायालय परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में योगदान देने वाले सफाईकर्मियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर राजेश कुमार बच्चन ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके योगदान को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव ने कहा कि स्वच्छता एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। स्वच्छ न्यायालय परिसर से न केवल स्वस्थ वातावरण मिलता है, बल्कि यहां आने वाले आम लोगों को भी स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश मिलता है। उन्होंने सफाईकर्मियों को स्वच्छता अभियान का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को सामाजिक जिम्मेदारी बताया।

कार्यक्रम के अंत में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों एवं सफाईकर्मियों ने स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र