बाल विवाह मुक्त का वैश्विक दिवस 27 नवम्बर को यूएनओ से मिली मंजूरी
अररिया 06 सितम्बर(हि।स.)।
अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कार्य कर रही संस्था की ओर से रविवार को जागरण कल्याण भारती के कार्यालय में प्रेस वार्ता की।जिसमें जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए विगत कई वर्षो से जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन, जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज जिला प्रशासन के सहयोग से कार्य कर रही है और बाल विवाह को रोकने में सफलता भी मिली है।
उन्होंने बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु के मार्गदर्शन में वर्ष 2024 में भारत सरकार के साथ विचार विमर्श करने के पश्चात 27 नवंबर 2024 को भारत सरकार ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन जैसे सामाजिक संगठनो को साथ लेकर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई।जिसमें 782 जिले में जिला पदाधिकारी के नेतृव में वर्ष 2024 वर्ष 2025 में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जबकि बाल अधिनियम 2006 से देश में कानून लागू है।
श्री कुमार ने बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह के खात्मे के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में भुवन ऋभु ने अपने संबोधन के दौरान कई वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में एक बार फिर बाल विवाह के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने के लिए प्रस्ताव लाने की बात कही। तब अफ्रीकी देश सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ. फातिमा मादा बायो भी मौजूद थीं, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया।
इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत सहित 67 देशों के अनुमोदन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया, जिसमें 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित वैश्विक दिवस घोषित करने की बात थी। 4 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया है।
भारत में जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ देश के सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है इसी के तहत अररिया जिला में जागरण कल्याण भारती जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित कर रहा है |
प्रेस वार्ता में बचपन बचाओ आंदोलन के यशवंत कुमार ओझा, जागरण कल्याण भारती के दीपक पासवान, अंकुश यादव, दीपेश कुमार, सोनू कुमार, रिजवान, विक्रम साह उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर