सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा, दो मुन्ना भाई हिरासत में
किशनगंज, 17 जून (हि.स.)। बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान किशनगंज में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है।
परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों पर आरोप है कि वे वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह बैठकर परीक्षा देने का प्रयास कर रहे थे।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था तथा पहचान सत्यापन प्रक्रिया को और कड़ा कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों एवं पहचान पत्रों की नियमित जांच की जा रही थी।
इसी क्रम में दो अभ्यर्थियों की पहचान संदिग्ध प्रतीत हुई। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने दोनों को रोककर उनके दस्तावेजों की गहन जांच की। पूछताछ के दौरान उनकी गतिविधियां और जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिससे अधिकारियों का संदेह और गहरा गया।
जांच में प्रारंभिक स्तर पर यह बात सामने आई कि दोनों युवक वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर सदर थाना ले आई।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था तथा पहचान सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा भी की। वहीं, एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज भी सदर थाना पहुंचीं और मामले की जांच की प्रगति का जायजा लिया।
पुलिस दोनों हिरासत में लिए गए युवकों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि वे किन अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे तथा इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह या दलाल नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका रही है या नहीं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सभी परीक्षा केंद्रों पर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह