न्यायमूर्ति हरिश्चंद्र मिश्रा के निधन से अधिवक्ताओं में शोक

 


दरभंगा, 03 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के लोकायुक्त एवं झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरिश्चंद्र मिश्रा के आकस्मिक निधन पर दरभंगा के न्यायिक जगत में शोक है। 67 वर्षीय न्यायमूर्ति मिश्रा का गुरुवार को दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया।

उनके निधन की खबर मिलते ही दरभंगा वकालतखाना भवन में जिला लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित की गई। अधिवक्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि न्यायमूर्ति मिश्रा मधुबनी जिले के गनौली गांव के मूल निवासी थे। न्यायिक सेवा में उन्होंने कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए और झारखंड उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति मिश्रा के परिवार की न्यायिक क्षेत्र में समृद्ध परंपरा रही है। उनके पिता भी पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहे थे और वर्ष 1981 तक न्यायिक दायित्व का निर्वहन किया।

शोकसभा में अचलेन्द्रनाथ झा, हीरानंद मिश्रा, विवेक कुमार सिंह, कुमार उत्तम, मुरारीलाल केवट, प्रदीप यादव, किरण कुमारी, शिवम कुमार त्रिपाठी, अनीता आनंद, सनोज कुमार, संतोष कुमार सिन्हा, पंकज कुमार, कमल पाण्डेय, अनिल कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra