फारबिसगंज नगर परिषद के कर्मियों ने 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी
अररिया 27 अक्टूबर(हि.स.)।
फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय परिसर में मंगलवार को नगर परिषद कर्मचारी संघ की बैठक संघ के अध्यक्ष सूरज कुमार सोनू की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में 30 अक्टूबर को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। साथ ही मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी।
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याएं लंबित हैं, लेकिन अब तक उनका अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। संघ ने मांगों के शीघ्र निष्पादन के लिए नगर परिषद प्रशासन और संबंधित विभाग से ठोस पहल करने की अपील की।
बैठक में कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित मासिक वार्ता आयोजित करने, कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा पूर्व में हुई आठ दिवसीय हड़ताल की अवधि का बकाया वेतन भुगतान करने और आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग भी शामिल है।
कर्मचारियों ने सेवा अभिलेखों का नियमित संधारण, समय पर वेतन भुगतान, भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा की राशि जमा कराने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लंबित मामलों का निष्पादन तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में अंशदान बढ़ाने की मांग रखी। इसके साथ ही बकाया पेंशन, वेतनांतर की राशि, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित दावों का निपटारा और एक ही पद पर तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत कर्मियों का नियमानुसार स्थानांतरण करने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में नगर परिषद के दैनिक एवं संविदा कर्मियों की स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों ने बताया कि 2 नवंबर 2021 को बोर्ड की बैठक में दैनिक एवं संविदा कर्मियों के मानदेय में प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बावजूद अब तक संबंधित कर्मियों को इसका लाभ नहीं मिला है। संघ ने पिछले चार वर्षों के बकाया अंतर का भुगतान अविलंब करने की मांग की।
वहीं, आठ दर्जन से अधिक दैनिक कर्मचारियों को पिछले आठ वर्षों से भविष्य निधि का लाभ नहीं मिलने को इसे गंभीर समस्या बताते हुए लंबित लाभ उपलब्ध कराने की मांग की।
संघ अध्यक्ष सूरज कुमार सोनू ने नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कुछ कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका खोली गई, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में कर्मचारी इससे वंचित हैं। उनके अनुसार, सेवा पुस्तिका से वंचित कर्मचारियों में अधिकांश महादलित समुदाय के हैं, जिसको लेकर कर्मियों में नाराजगी है।
बैठक में नगर परिषद के प्रभारी प्रधान सहायक की अनुपस्थिति पर भी कर्मचारियों ने रोष जताया और इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
अंत में कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 30 अक्टूबर का प्रदर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर