पुलिस-एसएसबी पर हमला के साथ जेल ब्रेक कांड से लेकर मवेशी तस्करी के धंधे में रहे हैं आरोपी

 


अररिया 12 अक्टूबर(हि.स.)।

नरपतगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम पर हमला मामले में 29 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।जबकि मामले में पुलिस ने एसटीएफ के द्वारा गिरफ्तार तस्कर दयानंद साह समेत दो अन्य हमलावर राजकुमार साह और जुल्फिकार को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

जेल भेजे गए तस्कर दयानंद साह सहित अन्य बनाए गए आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।नेपाल जेल ब्रेक कांड से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी और मवेशी तस्करी के लाइनर के साथ पुलिस और एसएसबी टीम पर हमला करने के भी संगीन आरोप लगते रहे और इन मामलों में इन आरोपितों के खिलाफ नरपतगंज,फुलकाहा समेत अन्य थाना में मामला दर्ज है।

नेपाल में जेन जी आंदोलन के दौरान दयानंद साह नेपाल में जेल में था और उस दौरान नेपाल में जेल ब्रेक कांड के बाद वह फरार होकर नरपतगंज थाना क्षेत्र के देवीगंज में अपने अर्द्ध निर्मित आलीशान मकान में रहकर गोरखधंधों को अंजाम दे रहा था।दयानंद साह को मादक पदार्थों के तस्करी का बड़ा मठाधीश माना जाता है और वह होलसेल का कार्य करता है।जानकारों के अनुसार,शराब,गांजा,स्मैक सहित प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के कारोबार का किंग माना जाता है।

देवीगंज में कम समय में तैयार हो रहा अर्द्ध निर्मित आलिशान मकान को लोग इसका द्योतक मान रहे हैं और कहा जाता है कि मादक पदार्थों और शराब की तस्करी की कमाई से ही यह मकान खड़ा है। 12 मार्च 2025 को फुलकाहा थाना क्षेत्र के एएसआई राजीव रंजन मल्ल की लक्ष्मीपुर चौक पर विवाह के भोज में हुए हमले के बाद मौत मामले में भी दयानंद साह सुर्खियों में रहा है।

तस्करों को गिरफ्तारी के दौरान एएसआई राजीव रंजन मल्ल की हाथापाई के दौरान मौत हो गई थी।इसके अलावा गांजा तस्करी के दौरान एसएसबी टीम पर हमला करने के मामले में भी ये आरोपी रहा। एसटीएफ टीम पर हमला करने के मामले में आरोपी बनाए गए खैरा चंदा के मुखिया नूरजहां के पति मो उमर फारूक पर भी नरपतगंज थाना में मर्डर से लेकर कई संगीन मामलों में केस दर्ज है।इतना ही नहीं उत्तरप्रदेश सहित बिहार के अन्य राज्यों से एनएच 27 मार्ग से होने वाले मवेशी तस्करी में लाइनर के रूप में इनकी पूरी टीम के काम करने का शुरू से आरोप लगता रहा है।

दो दिन पहले गांजा लदे स्कार्पियो को लाइन देने के क्रम में कार सहित दो दोस्तों के साथ डीआईयू की टीम के द्वारा अबू कलाम की गिरफ्तारी हुई थी।गिरफ्तार अबू कलाम खैरा पंचायत के मुखिया पति उमर फारुक का भाई बताया जाता है।तीन बोरे में छिपाकर रखा गया स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ सौ किलो गांजा के साथ मो.सलमान,मो.अबू कलाम, रोनी राज पंडित,अफरोज आलम और अबूबकर की गिरफ्तारी हुई थी। मामले में एसएसबी और बथनाहा थाना पुलिस ने एक स्कॉर्पियो के साथ लाइनर की कार को जब्त किया था।

बहरहाल एसटीएफ टीम पर हमला मामले में फारबिसगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में नरपतगंज थाना पुलिस मामले को गंभीरतापूर्वक जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है।एसटीएफ टीम पर हुए हमले से स्थानीय लोग सकते में हैं और तस्करों के मनोबल को बढ़ने का द्योतक मान रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर