मरीजों का भरोसा जीतने पर जोर, सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की होगी समीक्षा

 


किशनगंज, 24 अक्टूबर (हि.स.)। बेहतर इलाज की पहचान केवल दवाओं और चिकित्सकीय सुविधाओं से नहीं, बल्कि मरीजों को मिलने वाले सम्मान, सहयोग और भरोसे से भी होती है।

इसी सोच के साथ सदर अस्पताल, किशनगंज में शनिवार को चिकित्सकों और पारामेडिकल कर्मियों के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली सुधारने और अस्पताल में सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मंजर आलम की उपस्थिति में हुई चिकित्सकों की बैठक में उपचार की गुणवत्ता, मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श देने और अस्पताल की विभिन्न सेवाओं के सुचारु संचालन जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। जोर दिया गया कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को उसकी जरूरत के अनुसार उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी अस्पतालों में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सकों की उपलब्धता, समयबद्ध उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल मरीजों को राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अस्पताल की व्यवस्था को मरीज-केंद्रित बनाने पर भी चर्चा हुई। चिकित्सकों के साथ-साथ पारामेडिकल कर्मियों की बैठक में भी मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। जांच, उपचार में सहयोग और मरीजों की देखरेख में इन कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

बेहतर समन्वय से उपचार प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाया जा सकता है। बैठकों का उद्देश्य अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार, स्वास्थ्यकर्मियों के बीच समन्वय मजबूत करना और मरीजों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना रहा। स्वास्थ्य व्यवस्था में मरीजों का भरोसा कायम रखने के लिए गुणवत्तापूर्ण उपचार के साथ संवेदनशील व्यवहार और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण माना गया।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह