टीएमबीयू के गर्ल्स हॉस्टल में घुसा बाढ़ का पानी, छात्राओं ने खाली किया कमरा

 


भागलपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। जिले में लगातार बढ़ रहे गंगा नदी के जलस्तर ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। बाढ़ की यह विभीषिका अब तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के परिसरों तक पहुंच गई है। प्रशासनिक भवनों और मुख्य सड़कों को जलमग्न करने के बाद बाढ़ का पानी विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में भी प्रवेश कर गया है।

इस अचानक आई आपदा के बाद छात्राओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। गर्ल्स हॉस्टल में पानी घुसने के कारण छात्राओं के सामने सुरक्षित रहने और बुनियादी सुविधाओं का भारी संकट खड़ा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए छात्राएं आनन-फानन में हॉस्टल खाली कर अपने-अपने घरों की ओर लौटने को मजबूर हैं। सुरक्षित स्थानों और अपने घरों के लिए निकल रहीं छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में स्थिति बेहद दयनीय हो गई है और अब बाढ़ का पानी पूरी तरह खत्म होने व स्थिति सामान्य होने के बाद ही वे दोबारा वापस लौटेंगी।

अचानक हॉस्टल खाली करने और घर लौटने की वजह से छात्राओं की पढ़ाई पर इसका सीधा और बेहद बुरा असर पड़ा है। छात्राओं के मुताबिक, बाढ़ के इस प्रकोप के कारण विश्वविद्यालय में पठन-पाठन की स्थिति पूरी तरह से बाधित हो गई है। परीक्षाओं और नियमित कक्षाओं के इस दौर में छात्रावास छोड़ने से उनके सामने सिलेबस पूरा करने और शैक्षणिक सत्र में पिछड़ने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

बाढ़ के पानी के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिसर और प्रोफेसर कॉलोनी में जहरीले सांपों के निकलने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे छात्राओं और स्टाफ में डर का माहौल है। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भी इस जलभराव के बीच शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर