अकबरनगर में गंगा का रौद्र रूप, कई गांवों में घुसा पानी, एनएच-80 पर मंडराया खतरा
भागलपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। जिले के अकबरनगर और आसपास के दियारा क्षेत्रों में गंगा नदी के रौद्र रूप ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण गंगा नदी उफान पर है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है।
बाढ़ का पानी तेजी से खेरैहिया, इंग्लिश चिचरौन, राघवपुर और अकबरनगर के कई निचले रिहायशी इलाकों और गांवों में घुस गया है। इसके चलते सैकड़ों परिवार विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बाढ़ के कारण इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
धान की खड़ी फसलें और खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। चारों तरफ पानी भर जाने से इलाके में चारे का घोर संकट पैदा हो गया है, जिससे पशुपालक अपने मवेशियों को बचाने के लिए बेहद परेशान हैं। प्रभावित इलाकों में लोग अब आवागमन के लिए छोटी डेगी नावों का सहारा ले रहे हैं।
गंगा का फैलाव तेजी से मुंगेर-भागलपुर मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब तक पहुंच चुका है। सड़क पर पानी चढ़ने की आशंका से राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यदि मुख्य हाईवे पर पानी चढ़ता है, तो दोनों जिलों का सड़क संपर्क टूट सकता है। बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह 'हाई अलर्ट' मोड पर है।
जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रभावित इलाकों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को जमीनी स्तर पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।
प्रशासन द्वारा प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पॉलीथिन शीट का वितरण और आवागमन के लिए सरकारी नावों का परिचालन शुरू करा दिया गया है। इसके साथ ही, विस्थापित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई के संचालन और मवेशियों के लिए पशु चारा व चिकित्सा टीम तैनात करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित परिवारों तक समय रहते हर संभव सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर