नवगछिया में बाढ़ का मंडराया खतरा, खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही गंगा

 


भागलपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। जिले में गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से नवगछिया अनुमंडल के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सबसे नाजुक स्थिति इस्माईलपुर-बिंदटोली स्पर (तटबंध) के पास बनी हुई है, जहां गंगा नदी खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

जलस्तर में तेजी से हुए इस उछाल के कारण सुरक्षात्मक तटबंधों पर पानी का भारी दबाव बन गया है। नदी की तेज लहरें सीधे बाढ़ नियंत्रणात्मक संरचनाओं से टकरा रही हैं, जिससे कटाव की आशंका बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण किसी भी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं और ऊंचे स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इलाके में बाढ़ की गंभीर आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता और स्थानीय प्रशासन की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षात्मक और कटाव निरोधी कार्य (फ्लड फाइटिंग) तेज कर दिए गए हैं, ताकि तटबंध को टूटने से बचाया जा सके। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर