नाथनगर में बाढ़ का तांडव, स्कूल डूबे, गांवों का संपर्क टूटा, घुटने भर पानी में जाने को मजबूर नौनिहाल

 




भागलपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। जिले के नाथनगर प्रखंड में बाढ़ का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। गंगा और सहायक नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण प्रखंड की कई पंचायतें टापू में तब्दील हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि बेलखुरिया पंचायत स्थित मध्य विद्यालय और भुवालपुर पंचायत का पुरानी सराय गाँव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। पूरे इलाके में जलजमाव के कारण आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और ग्रामीणों को कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। बेलखुरिया पंचायत का मध्य विद्यालय बेलखुरिया इस समय चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। स्कूल परिसर में घुटने तक पानी जमा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस जानलेवा खतरे के बावजूद छात्र-छात्राएं कंधे पर स्कूल बैग टांगे, इसी गंदे और गहरे पानी से होकर कक्षा तक जाने को मजबूर हैं। स्कूल भवन और आसपास का इलाका बुरी तरह प्रभावित होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उधर, भुवालपुर पंचायत के पुरानी सराय गाँव की स्थिति भी बदतर हो गई है। पूरा गाँव बाढ़ के पानी के घेरे में है। गाँव की अंदरूनी गलियों से लेकर मुख्य सड़कों पर कई फीट पानी बह रहा है, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। जलजमाव का असर लोगों के चूल्हे-चौके पर भी पड़ने लगा है। राशन, दवा और दूध जैसे जरूरी सामान लाने के लिए ग्रामीणों को पानी के बीच से ही पैदल गुजरना पड़ रहा है। गाँव में फंसे बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। बाढ़ की इस विभीषिका के बीच स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पानी का जलस्तर हर घंटे बढ़ रहा है, लेकिन अब तक प्रशासनिक अधिकारियों ने इलाके का जायजा नहीं लिया है। लोगों ने माँग की है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल प्रभाव से प्रभावित स्कूलों में पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए अथवा अवकाश घोषित किया जाए। साथ ही, पुरानी सराय सहित अन्य जलमग्न गाँवों में सुरक्षित आवागमन के लिए सरकारी नावों की व्यवस्था की जाए और राहत शिविर चलाए जाएं। अब देखना यह है कि सो रहा जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए कब जागता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर